पाण्डूका वन परिक्षेत्र अधिकारी की प्रशासनिक व्यवस्था पर लगने लगा सवालिया निशान ...

पाण्डूका वन परिक्षेत्र अधिकारी की  प्रशासनिक व्यवस्था पर लगने लगा सवालिया निशान ...

पाण्डूका वन परिक्षेत्र अधिकारी की  प्रशासनिक व्यवस्था पर लगने लगा सवालिया निशान ...




पाण्डुका वन परिक्षेत्र के लगभग  बारह एकड जंगल मे तीन दिन से चल रहा है अतिक्रमण .....



वन अधिकारी कर्मचारी कुभकंर्णी निंद्रा में लीन ......



प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी वन विभाग पर भारी .........



रिपोर्ट नरेंद्र तिवारी

गरियाबंद । गरियाबंद पूर्व  वन मंण्डल के पाण्डुका वन परिक्षेत्र में विगत तीन दिनो से मुनारे के अंदर जंगल मे अवैध कटाई कर अतिक्रमण का खेल  अंधाधुंध चल रहा है कटाई सडक़ से लगे जंगल मे चल रहा है।जिसकी भनक   वन  अधिकारी ,कर्मचारियों को नही है ? , 


वन कर्मचारी अधिकारी मिडिया में एंव विभागीय एप मे विभागीय बैठक , वृक्षारोपण , निरीक्षण , का फोटो डलवाते है लेकिन अतिक्रमण अवैध कटाई की जगह खडे होकर सेल्फी लेने मे शर्म आती है।


वन प्रशासन ने पदोन्नति से डिप्टी रेंजर बने लोगों  को राजपत्रित अधिकारी के पद पर रेंजर बना कर रेंज अफसर बना दिया जाता हैं , राजपत्रित रेंजरों को स्पेशल डियूटी मे रखा जाता हैं जिन्हें पांच साल तक डिप्टी रेंजरी करने का अनुभव नहीं है ऐसे लोगों को रेंज का प्रभार देने से आखिर वनो का  सत्यानाश नही होगा तो आखिर क्या होगा । पुरानी काहवत है शेर का खाल पहनने से शेर नही हो जाता । 




पान्डूका वन परिक्षेत्र के तिलाईदादर बीट मे हुये अवैध अतिक्रमण का तोहफा वन मंत्री के जन्मदिन 24अगस्त को भेट किया जायेगा । 



 रायपुर मे पदस्थ डिप्टी रेंजर संजीत मरकाम को राजपत्रित रेंजर के पद पर स्पेशल एकल आदेश से पाण्डूका वन परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर भेजा गया है ।डिप्टी रेंजर संजीत मरकाम वन परिक्षेत्र अधिकारी पाण्डुका के पद पर रहकर वनो  की सुरक्षा करने मे अक्षम रहा है जिसके चलते पाण्डुका वन परिक्षेत्र मे  अवैध कटाई , अतिक्रमण के मामले बढे है 


तिलाईदादर बीट मे दस -बारह एकड जंगल मे तीन दिनो से अवैध कटाई कर अतिक्रमण चल रहा है डिप्टी रेंजर संजीत मरकाम वन परिक्षेत्र अधिकारी पान्डूका को अवैध कटाई का अता पता नही है  



संजीत मरकाम वनपरिक्षेत्र अधिकारी पाण्डूका :---- सरकार वन अधिकार पत्र दे रही है जिसके चलते अवैध कटाई कर अतिक्रमण हो रहा है हम लोगों का क्या दोष है । इतने बडे जंगल मे कंहा कहा देखे और भी बहुत काम है अतिक्रमण तो होगा और होते रहेगा।