सेवा परम् धर्म: भटकते विक्षिप्त के बाल- दाढ़ी बनवाए, नहलाया- खिलाया और अच्छे कपड़े पहनाकर सेवा आश्रम पहुँचाया- समाज के हर वर्ग को प्रेरित प्रेरणादायक मिशाल

सेवा परम् धर्म: भटकते विक्षिप्त के बाल- दाढ़ी बनवाए, नहलाया- खिलाया और अच्छे कपड़े पहनाकर सेवा आश्रम पहुँचाया- समाज के हर वर्ग को प्रेरित प्रेरणादायक मिशाल

सेवा परम् धर्म: भटकते विक्षिप्त के बाल- दाढ़ी बनवाए, नहलाया- खिलाया और अच्छे कपड़े पहनाकर सेवा आश्रम पहुँचाया- समाज के हर वर्ग को प्रेरित प्रेरणादायक मिशाल


नानक राजपूत और थाना प्रभारी बांगो राजेश पटेल की हो रही है चौमुखी सराहना




दीपक शर्मा/कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा:-गली- सड़कों पर भटकते एक विक्षिप्त के बढ़े हुए दाढ़ी- बाल व न जाने कब से पहने मैले- कुचैले कपड़ों से आती दुर्गंध से लोग उसके करीब से गुजरने को कतराते। लेकिन सेवाभावी सोच रख कार्य करने वाले समाज सेवक एक दल की नजर उस पर पड़ी और उन्होंने विक्षिप्त के बाल- दाढ़ी बनवाए, उसे नहलाया व अच्छे कपड़े पहनाकर भोजन कराने के साथ विक्षिप्तों के लिए जिला मुख्यालय में संचालित सेवा आश्रम तक पहुँचाने का भी प्रबंध किया। यह वाक्या किसी फिल्म का पात्र अथवा उपन्यास से ली गई कोई कहानी नही वरन सच्चा सेवा धर्म का किया गया कार्य है। जिसे धर्मसैनिक के कार्यकर्ता नानक राजपूत व थाना प्रभारी राजेश पटेल ने मिलकर मानव सेवा का प्रेरणादायक मिशाल पेश किया।


जिले के पोड़ी उपरोड़ा में विगत कुछ दिनों से मानसिक संतुलन खो चुके तथा भटक रहे एक विक्षिप्त जिसके बारे में स्थानीय लोगों को भी कुछ नही पता बस उसे प्रभुजन के नाम से पुकारते है। प्रभुजन के बढ़े हुए बाल- दाढ़ी, तन को ढंके काफी गंदे कपड़े जिससे आती दुर्गंध से तब लोग इसके करीब से गुजरने को भी कतराते थे और दूर से ही दुत्कार कर भगा देते थे। किसी के घर का बचा बासी खाना या फिर होटलों- ढाबों में बचे भोजन से इसका पेट भरता था। वहीं शीत ऋतु के इस मौसम में खुले आसमान के नीचे राते कट रही थी। जब विक्षिप्त प्रभुजन के हालत पर यहां के धर्मसैनिकों की नजर पड़ी तब उन्होंने उनसे बात करने का प्रयास किया, तब ज्ञात हुआ कि प्रभुजन बिल्कुल शांत स्वभाव के है, किंतु खुद के बारे में बता पाने में असमर्थ है। फिर धर्मसैनिक कार्यकर्ताओं ने इनके बाल- दाढ़ी बनवाए, नहलाया व साफ- सुथरे कपड़े पहनाए तथा भरपेट भोजन कराया। इस बात की जानकारी जब बांगों थाना के प्रभारी राजेश पटेल को हुई तब वे भी प्रभुजन से मिलने पहुँचे और उन्हें कोरबा में संचालित अपना घर सेवा आश्रम भेजने हेतु वाहन का प्रबंध किया। इस सब से गदगद प्रभुजन के खुशी का ठिकाना न रहा, साथ ही भावुक भी हो गए और हाथ जोड़कर अपने लब्जों में सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। अब सेवा आश्रम में प्रभुजन को रहने के लिए जगह, अच्छा भोजन, पहनने को साफ कपड़े मिलेगा साथ ही उसका मानसिक उपचार भी उक्त संस्था द्वारा कराया जाएगा। धर्मसैनिक कार्यकर्ताओं व थाना प्रभारी ने मिलकर जो मानवता व सेवा का मिशाल पेश किया वह वाकई समाज के हर वर्ग को प्रेरित करने किसी प्रेरणादायक से कम नही। प्रभुजन जैसे कई और भी ऐसे है जिन्हें सड़कों- गलियों में भटकते हुए देखा जा सकता है। उन्हें दुत्कारे नही, न ही तिरस्कार करें। बल्कि दिमागी संतुलन खो चुके ऐसे लोगों को इनके लिए संचालित संस्था तक पहुँचाने हर सम्भव मदद व प्रयास किया जाना चाहिए। क्योंकि मानव सेवा परम धर्म का कार्य है तथा इससे बड़ा कोई सेवा नही।