0 से लेकर 18 वर्ष के बच्चो के संरक्षण के लिए कार्यक्रम आयोजित-बच्चो से संबंधित समस्या हो तो इस नम्बर में करे फोन

0 से लेकर 18 वर्ष के बच्चो के संरक्षण के लिए कार्यक्रम आयोजित-बच्चो से संबंधित समस्या हो तो इस नम्बर में करे फोन

0 से लेकर 18 वर्ष के बच्चो के संरक्षण के लिए कार्यक्रम आयोजित-बच्चो से संबंधित समस्या हो तो इस नम्बर में करे फोन



गरियाबंद जिला के ग्राम सड़कपरसुली में  बच्चों के खुला मंच कार्यक्रम का आयोजन  परियोजना भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा  लोक आस्था सेवा संस्थान गरियाबंद  में संचालित चाइल्ड लाइन 1098  टीम के माध्यम से आयोजन किया गया कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के द्वारा महात्मा गांधी जी की छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर किया गया ।तत्पश्चात अतिथियों के स्वागत के साथ ही बच्चो के द्वारा स्वागत गीत में अपनी कला का प्रदर्शन कर सभी को आनंदित किया।  स्वास्थ्य विभाग से  धीरज शर्मा ने मंच के माध्यम से बच्चों को  विभिन्न प्रकार के बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए इससे बचने  के उपाय बताए साथ ही जानलेवा टी. बी. बीमारी के बारे में  विस्तार से जानकारी दिया, जिला बाल कल्याण समिति से ध्रुव सर ने अपने उद्बोधन में  कहा कि चाइल्ड लाइन 0 से 18 वर्ष के बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए कार्य कर रही है, बच्चो से सम्बंधी प्रकरण को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत कर बच्चो को न्याय एवं अधिकार दिलाने में सहयोग करता है। आईसीपीएस से फणींद्र जायसवाल ने बच्चो से सम्बन्धित योजना के बारे में जानकारी देते हुए बाल विवाह के बारे में बताया की कानून के अनुसार लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़का के लिए 21 वर्ष निर्धारित है अगर इससे कम उम्र मे विवाह होता है तो बाल विवाह की श्रेणी में आयेगा।





चाइल्ड लाइन गरियाबंद के परियोजना समन्वयक महेंद्र दास मानिकपुरी ने खुला मंच कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताया कि बच्चो की समस्याओं का निराकरण हेतु विभागों में समस्याओ को रूबरू करवाना व खुला मंच के माध्यम से बच्चो के विचारों को एक मंच प्रदान करना है। बच्चों के चार अधिकारों जिसमें जीवन जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, सहभागिता के अधिकार एवं सुरक्षा के अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आगे बच्चो को कहा कि यह संवेदनशील समय स्वयं मेहनत कर पढ़ने लिखने का समय है  कोविड-19 की वजह से  सारे शिक्षा संस्थान बंद होने के कारण बच्चे  गलत कार्यों की ओर  लिप्त हो रहे हैं  कई छोटे बच्चे अपशिष्ट  पदार्थ बिनने के लिए आसपास के क्षेत्रों में  जाते हैं व कई ऐसे बच्चे हैं जो पढ़ाई छोड़ कर के  कई खतरनाक कार्यों में  जा रहे हैं जो बाल श्रमिक की श्रेणी में आता है और यह  कानूनन अपराध है। बच्चों के विकास के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य की आवश्यकता क्यों होती है और इसे कैसे बेहतर बनाया जा सकता है इस संदर्भ में जानकारी दी, यदि किसी भी बच्चे को कोई प्रकार की समस्या है तो 1098 में कॉल करके सूचना दे सकते हैं चाइल्ड लाइन टीम के द्वारा बच्चों का सहयोग किया जाएगा। वन स्टॉफ सखी सेंटर से किरण पांडे ने घरेलू हिंसा के बारे में जानकारी दिया की महिला के साथ किसी भी प्रकार के हिंसा होती है तो  181 में सूचना देकर सहायता प्राप्त कर सकते है। सड़कपरसुली के सरपंच सुरेखा नागेश ने कहा की माता पिता का  कर्तव्य है की बच्चे को अच्छी संस्कार दे, लडकी लड़का को एक समान अवसर प्रदान करे, और पालको को जागरूकता का परिचय देते हुए बच्चो को काम पर नहीं भेजना चाहिए इससे बच्चो के स्वास्थ्य के साथ साथ शिक्षा पर असर पड़ता हैं। बच्चों के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद में  प्रतिभागी के रूप में भाग लिया। खुला मंच कार्यक्रम में सभी बच्चों को चाइल्ड लाइन गरियाबंद की ओर से पेन वितरण कर प्रोत्साहित किया गया । इस कार्यक्रम में पंच यशवंत साहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, पालक वर्ग  व चाइल्ड लाइन टीम उपस्थित रहे।