युंका की राजनीति में उबाल देवेन्द्र की ताजपोशी के संकेत!!

युंका की राजनीति में उबाल  देवेन्द्र की ताजपोशी के संकेत!!

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस में इन दिनों यह चर्चा बहुत गर्म है कि क्या छग युवा कांग्रेस में नए अध्यक्ष के रूप में भिलाई महापौर व विधायक देवेन्द्र यादव की ताजपोशी होने जा रही है? 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व युंका के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी श्रीनिवास के छग आगमन पर जिस तरह से हजारों युवाओ का सैलाब एयरपोर्ट के रास्ते पर उमड़ पड़ा,15 किलोमीटर के इस पूरे रास्ते को जिस तरह से बैनर पोस्टरों से सजाया गया और  दो दर्जन से अधिक स्थानों पर देवेन्द्र समर्थको ने बी श्रीनिवास का जमकर स्वागत किया,राजधानी में अरसे बाद युवाओ के इस बड़े जमावड़े से इस बात को बल मिलता है की युवा तुर्क देवेन्द्र यादव पुनः युवा संगठन की राजनीति में प्रवेश करने जा रहे हैं।।


सूत्रों के अनुसार एनएसयूआई में लम्बी पारी खेल चुके मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा अब युंका अध्यक्ष के प्रबल दावेदार हैं और बी श्रीनिवास के ऐतिहासिक स्वागत की पूरी कसरत देवेन्द्र के द्वारा आकाश को आगे करने की एक छोटी कवायद भर है पर पार्टी की रणनीति के जानकार लोग यह कहने लगे हैं कि वर्तमान अध्यक्ष कोको पहाड़ी के कार्यकाल के समाप्ति के उपरांत उनके विकल्प के तौर पर आकाश को आगे करने के बजाय मिशन 2023 की दृष्टि से पार्टी के हित मे यह बेहतर निर्णय होगा की राज्य में पार्टी के सभी बड़े नेता देवेन्द्र के नाम पर मुहर लगा दें।



बहरहाल युंका में नियम है कि अध्यक्ष का चयन चुनाव पद्धति से होता है,सँगठन खेमा के अलावा पहले स्व अजित जोगी व तीसरा मोर्चा के नाम से आसिफ मेमन के समर्थक इन चुनावों में जोर आजमाइश करते आ रहे हैं लेकिन स्व: जोगी जी के अलग पार्टी बनाने के बाद यानी की पिछले चुनाव से स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है फिर भी युंका के जानकार यह मान रहे हैं कि इस बार भी यदि चुनाव के हिसाब से चीजें तय होनी होगी तो पैलेस समर्थको को मिलाकर तीन खेमें ही मैदान में होंगे।।



 छग में 4 वर्ष के एक लम्बे अंतराल के बाद इस वर्ष युंका चुनाव का बिगुल बजने को है।ऐसे में यह देखना बहुत ही रोचक होगा कि कुल कितने खेमे इस बार चुनाव मैदान में ताल ठोंकने उतरते हैं।।दरअसल खेमों की उपस्थिति से यह तय हो जाएगा कि वास्तव में चुनाव जैसा कुछ होगा भी या चुनाव की औपचारिकता भर पूरी होगी।यदि चुनाव के माध्यम से नए अध्यक्ष की ताजपोशी होनी होगी तब भी देवेन्द्र के नाम पर यह लड़ाई नतीजे आने के बहुत पहले ही तय हो जाएगी।।।