जलस्त्रोत सूखा, पेयजल एवं निस्तारी के लिए हाहाकार

 जलस्त्रोत सूखा, पेयजल एवं निस्तारी के लिए हाहाकार

*अतरमरा में जलस्त्रोत सूखा, पेयजल एवं निस्तारी के लिए हाहाकार*


*पानी के लिए लोग कर रहे है त्राहिमाम त्राहिमाम*


छुरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत अतरमरा में पेयजल एवं निस्तारी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्राम पंचायत द्वारा संचालित स्पॉट सोर्स नल जल योजना के तहत 10 समर्सिबल पंप लगे हुए हैं जिसमें मात्र दो सबमर्सिबल पंप ठीक-ठाक चल रहा है बाकी के आठ मोटर पंप जल स्तर के नीचे बहुत नीचे जाने की वजह से नहीं के समान चल रहे हैं। जिससे अतरमरा ग्राम की सभी गलियों में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पेयजल एवं निस्तारी के लिए अतरमरवासी तरस रहे हैं।





लोगों में मारामारी एवं तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। ग्राम पंचायत द्वारा लगातार पेयजल के लिए पानी की व्यवस्था किया जा रहा है।इसके बारे में ग्राम पंचायत अतरमरा के सरपंच रामअधीन ध्रुव एवं उपसरपंच शिवांगी चतुर्वेदी,ग्राम पटेल भोजराम सिन्हा ने बताया की गांव में स्थापित पंपों का वाटर लेवल 300 फीट से भी अधिक नीचे चला गया है। तथा गांव के किसी भी तालाब में निस्तारित सुविधा हेतु पानी नहीं है। सभी तालाब पूर्ण रूप से सूख चुके हैं। निस्तारी एवं पेयजल की समस्या काफी गंभीर है। स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर राजिम विधायक महोदय जी एवं जल संसाधन विभाग के आला अधिकारी के समक्ष सिकासेर एवं तौरेंगा जलाशय से नहर नाली में पानी दिए जाने हेतु लगातार ग्रामवासियों द्वारा मांग की जा रही है,किंतु नहर नाली में निर्माण कार्य चलने का हवाला देकर ध्यान नहीं दे रहे हैं तथा अभी तक पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यह भी ध्यान रखने योग्य है कि तौरेंगा से लेकर अतरमरा तक नहर नाली का काम विगत 2 माह से काम चल रहा है लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है जो कि कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। आसपास के ग्राम पंचायतों को निस्तारित सुविधा हेतु नहर नाली के माध्यम से पानी दिया गया है किंतु सिर्फ अतरमरा ग्राम को पानी नहीं दिया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधि एवम ग्रामवासी लगातार पानी की मांग कर रहे हैं फिर भी किसी भी विभागीय अधिकारी के द्वारा नहर नाली में पानी नहीं दिया गया है, जिस कारण अतरमरा में निस्तारी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। अतरमरा के नहर नाली में पानी नहीं दिए जाने के कारण ग्रामीणों में काफी आक्रोश है, जो कभी भी  एक विशाल आन्दोलन का  रूप लेकर उभर सकता है। मरता नहीं क्या करता की स्थिति बन गई है।तौरेगा जलाशय से मासुर जोर के उलट से पानी दिया जा सकता है।उक्त नहर में दो माह से ज्यादा समय हो गया है।काम नही चल रहा है ना ही तो वहाँ कोई मजदूर है।अगर अतरमरा वासियो को पानी नही मिला तो हाहाकर मच जाएगा।गांव में लोग त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे है।घण्टो लाइन लगाकर पानी के लिए लड़ते हुए देखा जा सकता है।स्तिथि विकराल रूप धारण कर चुके है।मवेशियों के पीने के पानी की व्यवस्था दूभर हो गया है।ग्रामीणों ने मांग की है कि अतरमरा नहर नाली में पानी नहीं दिया गया तो ग्रामीण जन उग्र आंदोलन को विवश हो जाएंगे।ग्राम पंचायत अतरमरा के सरपंच रामअधीन ध्रुव,उपसरपंच शिवांगी चतुर्वेदी,ग्राम पटेल भोजराम सिन्हा,ग्रामविकासस्मिति के अध्यक्ष श्यामलाल साहू,रक्षा समिति के अध्यक्ष टीकम सिन्हा,विनोद सिन्हा अभिषेक चतुर्वेदी,हेमन्त निर्मलकर,राजू सिन्हा,कमलकिशोर ध्रुव,चुम्मन निर्मलकर, विष्णु सिन्हा, जगत सिन्हा,मनराखन सिन्हा, झुमुक साहू,रमेश भारती, प्यारे साहू, सहित ग्रामवासियों द्वारा स्थिति को ध्यान में रखते हुए शीघ्र जल आपूर्ति की व्यवस्था करने की मांग की है।