एकता में शक्ति होती है :- नीलकंठ ठाकुर

एकता में शक्ति होती है :- नीलकंठ ठाकुर

एकता में शक्ति होती है :- नीलकंठ ठाकुर


छुरा :- दुरस्त वनांचल ग्राम देवरी में हर्षोल्लास के साथ कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। अति पिछड़ी विशेष जनजाति के बाहुल्य ग्राम होते हुए भी छोटे से गाँव से एक डीएसपी, तीन थाना प्रभारी, सेना के जवान के रूप में देशसेवा करना अपने आप मे प्रेरणा का स्रोत है। ग्रामवासियों के साथ आसपास के लोगों ने आनंद के साथ महोत्सव का लुत्फ उठाया। सर्वप्रथम ग्राम पुजारी एवं ग्रामीणों ने बाजे गाजे के साथ ठाकुर देवता, शीतला माता,  आंवला वृक्ष पर कार्तिक भगवान, ग्राम के सभी देवी देवताओं की पूजन अर्चन कर अच्छी फसल, आरोग्य और सुख समृद्धि के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। भंडारा प्रसादी का भी व्यवस्था किया गया था। सायंकालीन बेला में जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू, सरपंच अशोक ठाकुर, जनपद सदस्य नीलकंठ ठाकुर, समाजसेवी मनोज पटेल, किसान नेता फलेंद्र साहू, योगाचार्य अर्जुन धनंजय सिन्हा, मानसिंह निषाद, भूपेंद्र साहू के आतिथ्य में ग्राम के ऊर्जावान नवोदित कलाकारों द्वारा देशभक्ति व पारंपरिक सांस्कृतिक गुलदस्ता का आयोजन किया गया। तत्पश्चात माँ अम्बे की खोज ग्राम हज्जुटोला राजनांदगांव के रात्रिकालीन रंगारंग कार्यक्रम से सराबोर हुए। इससे पूर्व ग्रामवासियों ने पारम्परिक राऊत नृत्य के साथ फूलों की बारिश करते हुए आत्मीयता के साथ आगंतुक अतिथियों व नवपदस्थ थाना प्रभारी शोभा मंडावी का स्वागत अभिनंदन किया। अतिथियों ने त्रिपूरी पूर्णिमा के अवसर पर प्रकृति पूजा का संदेश देते हुए आंवला पेड़, तुलसी महारानी और कार्तिक भगवान की पूजा अर्चना की। युवा तिमिर दिलीप ठाकुर ने जोशीले अंदाज में अभिनंदन पत्र प्रेषित कर अतिथियों का स्वागत वंदन किया। जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू ने कहा कि दूरस्थ वनांचल ग्राम होते हुए भी एकता, भाईचारा, समरसता का भाव के साथ ऐसे आयोजन ने मनमोहित कर दिया। केवल सीसी रोड, चौड़ी चौड़ी सड़कों से ही विकास नहीं होता, जब ग्रामीणों के मन में प्रेम, सद्भाव, सौहार्द्र, आपसी सामंजस्य का भाव होता है तो सही मायनों में ग्राम विकसित कहलाता है। उन्होंने मुक्तिधाम बनाने का घोषणा भी किया।  उन्होंने कृषक भाइयों और नारी शक्ति को छोटे-छोटे संगठन बनाकर सहकारिता प्रकोष्ठ और बिहान योजना से जुड़कर लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया। जनपद सदस्य नीलकंठ ठाकुर ने प्रेरक प्रसंग के माध्यम से कहा कि एकता में शक्ति होती है। समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने से ग्रामोत्थान व आत्मउत्थान होता है। समाज से विरत व्यक्ति का अस्तित्व नहीं होता। अध्यक्षता की आसंदी से सरपंच अशोक ठाकुर ने अपने ग्राम पंचायत की उपलब्धियों व आवश्यकताओं को पटल पर बड़ी संजीदगी से रखा। भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देते हुए सभी को अनेकता में एकता के साथ आगे बढ़ने की अपील किया। समाजसेवी मनोज पटेल ने अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए ग्राम के दिव्यांगजनों का शाल, श्रीफल से सम्मान किया। गाँव की ओर से देशसेवा में लगे सेना और पुलिस के जवान का सम्मान किया गया। इस महोत्सव में आयोजक समिति संचालक दिलीप ठाकुर, अध्यक्ष बोधराम, सचिव बोधीराम, जोहत राम, चिंताराम, भीखम, धनेश, बेदराम, निरंजन, पुरानिक, मोहर,परमेश्वर, तेजराम, प्रहलाद, शिवकुमार, युगेश्वर, धनसाय, धनीराम, जीवन, रामेश्वर, सूरज, भोजलाल, पूरन, अनुज, मुन्नाराम, कुलेश्वर, हरिश्चंद्र, श्यामलाल, समस्त पंचगण व मातृशक्ति ने अहम योगदान दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण व आसपास के लोग मौजूद थे।