राखी विक्रेता झेल रहे मंदी की मार

राखी विक्रेता झेल रहे मंदी की मार

राखी विक्रेता झेल रहे मंदी की मार 

छाया कोरोना का काली छाया 


गरियाबंद :-भाई-बहन का पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन भी कोरोना काल की भेट चढ गया । हिंदू धर्म में पड़ने वाले सभी त्योहारों की तरह ही रक्षाबंधन का यह पवित्र त्यौहार  भी कोरोना महामारी की चपेट में आता दिखाई पड़ रहा है। भाई बहन इस त्यौहार का बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं। लेकिन इस बार कोरोना की काली छाया प्राय सभी त्योहारों में मंडरा रही है जिसकी वजह से हर त्यौहार में ग्रहण लग गया है वहीं राखी बेचने वाले दुकानदार भी इस बार अपने व्यवसाय को लेकर काफी मायूस व चिंतित नजर आ रहे हैं ।कोरोना संकट के इस दौर में दुकान में आए ग्राहक गरीबी का रोना रो रहे हैं ।दुकानदार कहते हैं कि लोगों के पास पैसे नहीं है। ग्राहक दुकानदारों से पैसा ना होने की वजह से  काफी मोल भाव भी कर रहे हैं। बाजार में रौनकता गायब हो गई है जिसकी मार राखी विक्रेता झेल रहे हैं। वहीं दुकानदारों ने   हमारे  संवाददाता को  बताया कि एक ओर देश में मंदी का दौर है वहीं दूसरी तरफ वैश्विक  महामारी कोरोना की काली छाया ने राखी व्यवसाय को पूर्ण रूप से चौपट कर दिया है।आपको बता दें की इस बार भारत- चीन विवाद के चलते चीनी राखी का भी बहिष्कार लोगों द्वारा बडे जोर शोर से किया जा रहा है  जिसके चलते ग्राहक भी माल खरीदने से परहेज कर रहे हैं। प्रदेश के कई प्रमुख शहरों व स्थानों में लाँकडाउन जारी है ।बसों का परिवहन भी बंद है ,ऐसे मे लोगों के  आने जाने मे  काफी दिक्कतें हो रही हैं । सभी चीजें एक साथ होने से एक तरह से हम सकते हैं कि रक्षाबंधन के इस पवित्र त्यौहार मे भाई बहन का प्यार ही गायब हो गया है। बाजार गुलजार होने के बजाय  यहां वीरानी छाई हुई है।