किसानों के संघर्षों के सामने झुकी मोदी सरकार तीनों कृषि कानून वापसी का किया घोषणा- अधिवक्ता शत्रुहन साहू

किसानों के संघर्षों के सामने झुकी मोदी सरकार तीनों कृषि कानून वापसी का किया घोषणा- अधिवक्ता शत्रुहन साहू

किसानों के संघर्षों के सामने झुकी मोदी सरकार तीनों कृषि कानून वापसी का किया घोषणा- अधिवक्ता शत्रुहन साहू



धनेश्वर बंटी सिन्हा/धमतरी:-विदित हो कि केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा पारित किसान विरोधी दमनकारी तीनों  कृषि कानून के विरोध में विगत 06 जून  2020 से दिल्ली के सीमाओं  पर चल रहे किसान आंदोलन जिसमें अब तक लगभग 650 किसानों ने अपनी शहादत दी है के सामने केंद्र की तानाशाही मोदी सरकार आयी बैकफुट पर किसानों के संघर्ष के सामने मोदी सरकार ने घुटना टेकते हुए तीनों काला कृषि कानून की वापसी की घोषणा किया, इस अवसर पर खेती बचाओ आंदोलन समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन साहू ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि यह केवल किसानों की ही नहीं अपितु संपूर्ण देशवासियों की जीत है, जब भी कोई तानाशाही सरकार अपनी कर्तव्य भूलकर जन विरोधी कानून लाकर लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास करेगा तो ऐसी सरकारों  के विरोध में संघर्ष करने के लिए किसान आंदोलन हमेशा प्रेरणादाई रहेगा, खेती बचाओ आंदोलन समिति धमतरी छत्तीसगढ़ पिछले एक साल से लगातार इस संघर्ष में कदम से कदम मिलाकर किसानों कि आवाज बुलंद किया है तीनों कृषि कानून की वापसी पर देश के सभी किसानों की संघर्ष को नमन कानून के विरोध में संघर्ष जारी रखा इस क्रम में स्थानीय भाजपा के प्रतिनिधियों विधायकों सांसदों एवं प्रदेश प्रतिनिधियों यहां तक कि राज्यपाल तक का भी घेराव किया।समिति के सह संस्थापक टिकेश्वर साहू ने कानून की वापसी की घोषणा पर खुशी व्यक्त करते हुआ कहा कि केंद्र की मोदी सरकार दो दर्जन से ज्यादा ऐसे बिल और कानून जिनको बनाया या संशोधन किया है कहीं ना कहीं से उसे फिर से वापस लेना पड़ा है।निश्चित तौर पर यह बहुत बड़ी जीत है किसानों के लिए। समिति के रामविशाल साहू ,अशफाक हाशमी,दिग्विजय सिंह,युगल किशोर साहू,सनत निर्मलकर के साथ साथ सभी कार्यकर्ताओ ने खुशि जाहिर की है।